बजट सत्र में कांग्रेस द्वारा गतिरोध सिद्ध करता है कि उनकी प्राथमिकता जनकल्याण नहीं बल्कि बिखराव की राजनीति है

बजट सत्र में कांग्रेस द्वारा गतिरोध सिद्ध करता है कि उनकी प्राथमिकता जनकल्याण नहीं बल्कि बिखराव की राजनीति है

संसद लोकतंत्र के मंदिर के समान है जहां से देश के विकास की योजनायें और नीतियाँ मूर्त रूप लेती हैं। देश की सामाजिक, आर्थिक, सांस्‍कृतिक संपन्‍नता के लिए जनप्रतिनिधि कानून बनाने का काम करते हैं। मुद्दों पर बहस की जाती है, जनकल्‍याणकारी योजनाएं तैयार होती हैं। ताकि सबको समानता मिल सके। इसके लिए सरकार ही

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