प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : भाजपा सरकार का किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम |

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : भाजपा सरकार का किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम |

भारत में आजादी के बाद यह पहला मौका है जब किसी सरकार ने किसानों के हितों को लेकर इतना बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पहली बार किसानों की किसी बीमा योजना में खेत में फसलों की बुवाई से लेकर खलिहान तक विस्तृत किया गया है। इसी महीने जारी की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे को इतना व्यापक रखा गया है कि किसानों को प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट होने पर भी नुकसान उठाना नहीं पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया सरकार का यह फैसला सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से इतना महत्वपूर्ण है कि मौसम की मार से आत्महत्या तक के लिए विवश होने वाले किसानों के लिए यह योजना सुरक्षा कवच का काम करेगी। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे पुरानी योजनाओं की जटिलता के जाल से निकालकर किसानों को न्यूनतम कीमत पर अधिकतम बीमा की राहत देगी। बीमा के दावों के शीघ्र भुगतान की प्रक्रिया को अत्यधिक तकनीक के द्वारा बहुत ही सरल कर दिया गया है |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान भाई और बहनों को लोहड़ी, पोंगल और बीहू जैसे पर्व के अवसर पर फसल बीमा योजन का तोहफा दिया है, जो किसानों की जिंदगी बदल देगा। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें फसल बीमा को मौजूदा 23फीसद से बढ़ाकर 50 फीसद किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। हालांकि केंद्र की भाजपा सरकार को इसके लिए हज़ारों करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की उसकी सरकार किसानों के हितों के लिए वचनबद्ध है और इसके लिए धन की कमी नहीं होने दी जायेगी। वैसे राज्य सरकारों को अपने अपने राज्यों में किसानों की मदद के लिए इतनी ही राशि का योगदान करना होगा।

मोदी सरकार की इस नई योजना का फायदा देश के करोड़ों किसानों को होगा। इस लिहाज से इसे एक ऐतिहासिक फैसले मानने से इनकार नहीं किया जा सकता। इस देश के किसानों के समग्र विकास के बारे में न तो अब तक कुछ किया गया और न ही इस बारे में व्यापकता से कुछ विचार किया गया। यह पहला मौका है जब मोदी सरकार किसानों की समृद्धि को लेकर काम कर रही है। किसानों का भविष्य और उनकी समृद्धता सीधे उनकी फसल की सुरक्षा से जुड़ी है। इसलिए किसान की फसल सुरक्षित रहेगी तो किसान समृद्ध बनेगा। यही वजह है कि किसानों को कम बीमा प्रीमियम पर अधिक लाभ देने वाली योजना सरकार की तरफ से लायी गई है।

पूर्व की योजना में सिर्फ बैंक से ऋण लेने वाले किसानो को बीमा का लाभ मिलता था | परन्तु नई योजना में फसल बीमा को बैंक के ऋण से पूर्णतया डी-लिंक कर दिया गया है | जिससे अब इस योजना का लाभ बैंक से ऋण न लेने वाले किसानो को भी मिलेगा और अब छोटे, माध्यम और बड़े हर वर्ग किसान के लिए फसल बीमा योजना उपलब्ध होगी | इस संरचनात्मक परिवर्तन की वजह से अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का वास्तव में सर्वीकरण हो गया है |

पहले जहां किसानों को अपनी फसल के बीमा के लिए बीमा राशि का 15 प्रतिशत तक प्रीमियम चुकाना होता था उसे इस योजना के तहत बेहद कम कर दिया गया है। रबी फसलों के लिए प्रीमियम की राशि डेढ़ फीसद और खरीफ फसलों के लिए दो फीसद देना होगी। इसके अलावा इस योजना में से सरकार ने कैपिंग का प्रावधान भी पूरी तरह हटा लिया है। पूर्व में कैपिंग की वजह कई बार किसानो को 50% तक का प्रीमियम देना पड़ जाता था | इसका पूरा लाभ किसानों को मिलेगा। कम प्रीमियम में ज्यादा जोखिम कवर होगा और किसानों को ज्यादा सहायता मिलेगी।

पिछली सरकारों की फसल बीमा योजना के मुकाबले नई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कई मामलों में बेहतर है। पहला तो इसे नियमों की जटिलता से बाहर निकाला गया है। अब न तो इसे समझने में किसानों को ज्यादा मगजमारी करनी होगी और न ही क्लेम लेते वक्त नियमों की जटिलता से जूझने की आवश्यकता होगी। पूर्व की फसल बीमा योजना के मुकाबले नई योजना में सबसे बड़ा लाभ कम प्रीमियम में अधिक क्लेम राशि किसानों के हाथ आएगी। यूपीए के वक्त लागू हुई बीमा योजना में 2300 रुपये के प्रीमियम के भुगतान पर सौ फीसदी फसल खराब होने का दावा करने पर 19000 रुपये का क्लेम मिलता था। लेकिन इस नई योजना में किसानों को 30000 रुपये तक का क्लेम मिलेगा। और इसके लिए केवल 1500 रुपये का ही प्रीमियम किसानों को देना होगा।

जैसा कि मैंने ऊपर कहा कि यह योजना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके दायरे में खेत से लेकर खलिहान तक को समेटा गया है। पोस्ट हार्वेस्टिंग में होने वाले नुकसान को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। सरकार ने इस बात का भी इंतजाम किया है कि बीमा के क्लेम के लिए किसानों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। प्राकतिक आपदा के तुरंत बाद 25 प्रतिशत क्लेम संबंधित किसानों के बैंक खाते में सीधे पहुंच जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के साथ इस योजना के दायरे को और व्यापक बनाते हुए इसमें स्थानीय आपदाओं को भी जोड़ लिया गया है। ओलावृष्टि, बेमौसम की बारिश, आंधी तूफान और जल भराव से स्थानीय स्तर पर होने वाले नुकसान पर भी बीमा का भुगतान होगा। इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, विदर्भ, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और तटीय ओडिशा के किसानो को मिलेगा। इस तरह वो किसान जिनकी खेती किसानी ज्यादा जोखिम में रहती है, वह पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी।

मेरा विश्वास है कि सरकार किसानों और जनता के हितों के हितों को ध्यान में रखकर आगे भी इस तरह के कदम उठाती रहेगी। पहले आम जनता के लिए सामाजिक सुरक्षा की स्कीमें और अब किसानों के लिए फसल बीमा योजना देश की संपूर्ण जनता को सुरक्षित और सम्मानित जीवन व्यतीत करने का अवसर प्रदान करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र की भाजपा सरकार का मुख्य ध्येय जनता के हितों की रक्षा करना है जिसके लिए पार्टी और सरकार दोनों वचनबद्ध हैं।

Share on FacebookTweet about this on TwitterShare on Google+

Add Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *